भारतीय टीम ने पिछले कुछ महीनों में टीम में लगातार बदलाव किए। ये बदलाव की ही बात है कि भारत पिछले कुछ महीनों से करीब 8 अलग-अलग कप्तानों को आजमा चुकी है। दूसरी तरफ टी-20 वर्ल्ड कप भी आने वाला है और इसको लेकर तैयारी भी बड़ी जोरदार चल रही है। हालांकि भारत के पूर्व कप्तान और टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली जो पिछले कई सालों से अपने फॉर्म को लेकर जूझ रहे हैं उनकी हर तरफ आलोचना हो रही है।

हाल में देखा जाए तो टी-20 में दीपक हुड्डा, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन और ऋेयस अय्यर ने कमाल का प्रदर्शन किया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या विराट कोहली मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह खो देंगे? पिछले कुछ सीजन से कोहली का फॉर्म भी खराब रहा है और आईपीएल 2022 में उन्होंने केवल 115 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की है। लेकिन इस सबके के बावजूद ये कहना गलत नहीं होगा कि भारत के लिए टी-20 इंटरनेशनल में विराट कोहली से बड़ा कोई बल्लेबाज नहीं हुआ। इंग्लैंड के खिलाफ आने वाली टी-20 सीरीज में भी सभी को ये उम्मीद होगी कि कोहली ना सिर्फ अपने बल्ले से ढ़रों रन बटोरे बल्कि अपने आलोचकों के मुंह करारा तमाचा मारे।

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने कोहली के टी-20 प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए कहा,”कोहली खेलते हैं और इस बात में कोई परेशानी की बात नहीं है लेकिन उनकी फॉर्म चिंता का कारण है। आईपीएल में उनका स्ट्राइक रेट कुछ खास नहीं रहा है। दीपक हुड्डा आपको बेहतर विकल्प दे सकते हैं क्योंकि वो गेंदबाजी भी कर लेते हैं। मुझे लगता है कि कोहली को कुछ मैचों में खेलने का मौका मिलेगा उसके बाद सेलेक्टर्स उनके ऊपर फैसला लेंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो फिक्स हैं क्योंकि हाल के मैचों में युवा खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पिछले साल हुए वर्ल्ड कप में जिस तरह के स्ट्राइक रेट से उन्होंने बल्लेबाजी की थी उस पर सवालिया निशान है।”

कोहली की गैरमौजूदगी में भारत ने आईपीएल के बाद साउथ अफ्रीका तथा आयरलैंड के खिलाफ सीरीज खेली। वहां टीम के लिए युवा बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और इस दौरान दीपक हुड्डा ने आयरलैंड के खिलाफ जिस तरह की बल्लेबाजी की और एक शानदार शतक जमाया उससे सेलेक्टर्स के पास और भी विकल्प दिखते हैं।